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आरती

दुर्गा आरती

[यहाँ बोल शामिल नहीं किए गए हैं — कॉपीराइट सत्यापन की आवश्यकता के कारण। दुर्गा पूजा की संध्या आरती ढाक, कांसर और शंखध्वनि के साथ होती है, विशेष रूप से महाअष्टमी और संधिपूजा के समय धुनुची नृत्य के साथ आरती बंगाल की दुर्गा पूजा की एक विशिष्ट पहचान है। कृपया किसी लाइसेंसप्राप्त आरती संग्रह से वास्तविक आरती बोल जोड़ें।]

दुर्गा के बारे में और जानें
दुर्गा आरती — Sanatan