पूजा
छठ पूजा
15 नवंबर 202630 कार्तिक 1433 बंगाब्दमुहूर्त: 16:30 – 18:30
देवता: सूर्य
कार्तिक शुक्ल षष्ठी की संध्या पर नदी/तालाब में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है — अगली सुबह सूर्योदय के अर्घ्य के साथ उत्सव समाप्त होता है। सूर्य और छठी मइया की आराधना में फल, ठेकुआ और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं।