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व्रत

कार्तिक व्रत

कार्तिक मास की पूर्णिमा तक रखा जाने वाला विशेष भक्तिमय व्रत, जो साधु-जीवन का प्रतीक है। इस मास में स्नान, दान, शंखस्नान और संध्यादीप व्रत का संगम होता है; वृंदावन में रास यात्रा होती है, और गौड़ीय वैष्णवों के लिए कार्तिक मास 'दामोदर मास' के नाम से पवित्र है।

नियम

प्रथा के अनुसार पूरे मास सुबह स्नान (शंखस्नान), विष्णु या कृष्ण पूजा और संध्या में दीपदान किया जाता है; कई लोग पूरे मास शाकाहारी भोजन और संयम के व्रत रखते हैं। पूर्णिमा के दिन रास यात्रा या लक्ष्मी पूजा के साथ व्रत समाप्त होता है।

लाभ

भक्तों के अनुसार कार्तिक मास को भक्ति, संयम और पवित्रता से बिताना आत्मशुद्धि और विष्णु की कृपा पाने में सहायक होता है।

कार्तिक व्रत — Sanatan — Sanatan