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व्रत

संकष्टी चतुर्थी व्रत

प्रत्येक चांद्रमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत गणेश को समर्पित है। 'संकष्टी' शब्द का अर्थ है 'संकट से मुक्ति' — विघ्नहर्ता गणेश से जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना ही इस व्रत की मूल भावना है।

नियम

दिनभर उपवास रखकर संध्या में चंद्रोदय के बाद गणेश पूजा और चंद्रार्घ्य देकर उपवास तोड़ने की रीति प्रचलित है।

लाभ

भक्तों के अनुसार यह व्रत जीवन की बाधाओं को दूर करता है और नए कार्यों में सफलता लाता है।

संकष्टी चतुर्थी व्रत — Sanatan — Sanatan