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व्रत

शिवरात्रि व्रत

प्रत्येक चांद्रमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है, और फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को सबसे महत्वपूर्ण 'महाशिवरात्रि' मनाई जाती है। शिव की आराधना को समर्पित इस व्रत में रात्रिभर जागरण और उपवास की रीति प्रचलित है।

नियम

पूरे दिन उपवास रखकर रात्रि के चार प्रहरों में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर पूजा करने की रीति है। अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है।

लाभ

भक्तों के अनुसार यह व्रत पापों का नाश करता है, मन की अशांति दूर करता है और शिव की कृपा से आध्यात्मिक उन्नति लाता है।

शिवरात्रि व्रत — Sanatan — Sanatan