एकादशी
निर्जला एकादशी
25 जून 202611 आषाढ़ 1433 बंगाब्दशुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ मास की शुक्ल एकादशी, जिसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। महाभारत के अनुसार, भीम ने इस एक दिन के निर्जला (जल रहित) उपवास से वर्ष की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त किया था, जैसा कि ब्रह्मवैवर्त पुराण में उल्लेख है। यह वर्ष की सबसे कठोरता से मनाई जाने वाली एकादशी व्रत है।