त्योहार
रास पूर्णिमा
24 नवंबर 20269 अग्रहायण 1433 बंगाब्द
कार्तिक मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो बंगाल में राधा और गोपियों के साथ कृष्ण की रासलीला की स्मृति में मनाई जाती है। नदिया के नवद्वीप और कूचबिहार की रासयात्रा विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो कारीगरों द्वारा बनाई गई मिट्टी की मूर्तियों की प्रदर्शनी के लिए जानी जाती है। इसी तिथि को पूरे भारत में 'कार्तिक पूर्णिमा' और 'देव दीपावली' के नाम से भी मनाया जाता है।