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देवता

वरुण

वरुण वैदिक देवताओं में सबसे प्राचीन देवताओं में से हैं, जल और समुद्र के अधिपति तथा ऋत (विश्व व्यवस्था की नैतिक शृंखला) के रक्षक। उन्हें हाथ में पाश (फंदा) धारण किए चित्रित किया जाता है, जो पापियों को पकड़ सकता है; वे पश्चिम दिशा के दिग्पाल हैं। प्रारंभिक ऋग्वेद में वरुण-ऋत का संबंध उच्च नैतिक अवधारणा का साक्ष्य है। वर्षा के लिए वरुण यज्ञ और समुद्र-तीर्थों पर वरुणदेव की पूजा प्रचलित है।

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वरुण — Sanatan