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मंत्र

त्रिपुरसुन्दरी मंत्र

ওঁ হ্রীং ক্লীং সৌঃ ত্রিপুরাসুন্দর্যৈ নমঃ

'ह्रीं' माया, 'क्लीं' आकर्षण और 'सौः' सौंदर्य-शक्ति के बीज हैं — तीनों मिलकर श्रीविद्या की देवी त्रिपुरसुन्दरी का आह्वान करते हैं; 'त्रिपुरसुन्दर्यै नमः' अर्थात उन्हें प्रणाम। श्रीयंत्र में और नवरात्रि में श्रीविद्या उपासना में इस मंत्र का जप किया जाता है।

त्रिपुरसुन्दरी के बारे में और जानें
त्रिपुरसुन्दरी मंत्र — Sanatan