देवता
त्रिपुरसुन्दरी
त्रिपुरसुन्दरी शाक्त-तांत्रिक परंपरा की देवी हैं, दशमहाविद्या में से एक; उन्हें ललिता, षोडशी और राजराजेश्वरी भी कहा जाता है। 'त्रिपुरा' का अर्थ है तीनों लोक (भूः, भुवः, स्वः) — वे तीनों लोकों के सौंदर्य और शक्ति की आधार हैं। उनकी उपासना श्रीचक्र (श्रीयंत्र) में श्रीविद्या पद्धति से की जाती है, और उन्हें चिरयौवना सोलह वर्ष की देवी माना जाता है। दक्षिण भारत और कश्मीर में उनकी पूजा विशेष प्रसिद्ध है; पुराणों में ललितोपाख्यान भी वर्णित है।