देवता
काली
काली शक्ति का उग्र रूप हैं, जिन्हें समय और परिवर्तन की देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्हें आमतौर पर भयंकर मुखमुद्रा, लाल लपलपाती जीभ, खड्ग और कटे हुए सिरों की माला धारण किए तथा शिव के वक्ष पर खड़ी हुई मुद्रा में चित्रित किया जाता है। बंगाल में श्रीरामकृष्ण परमहंस की साधना के माध्यम से काली उपासना को विशेष महत्व मिला। दक्षिणेश्वर और कालीघाट जैसे मंदिर काली उपासना के प्रमुख केंद्र हैं। आश्विन मास की अमावस्या को (दीपावली की रात) काली पूजा मनाई जाती है।